सीएमसी वेल्लोर और एलआईसी की पहल, सुनने की समस्या से जूझ रहे बच्चों को मिलेंगी मुफ्त कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी
सीएमसी वेल्लोर और एलआईसी गोल्डन जुबली फाउंडेशन के सहयोग से सुनने की समस्या से जूझ रहे बच्चों के लिए मुफ्त कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी परियोजना शुरू की गई।
तमिलनाडु के प्रसिद्ध चिकित्सा संस्थान क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी), वेल्लोर ने सुनने की समस्या से जूझ रहे बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस पहल के तहत एलआईसी गोल्डन जुबली फाउंडेशन के सहयोग से जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी उपलब्ध कराई जाएगी।
संस्थान की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य उन बच्चों को नई जिंदगी देना है जो जन्म से या किसी अन्य कारण से गंभीर श्रवण हानि (हियरिंग लॉस) से पीड़ित हैं। कॉक्लियर इम्प्लांट एक विशेष प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है जो सुनने की क्षमता को आंशिक रूप से बहाल करने में मदद करता है।
इस परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर के. मुरलीधर, जो भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के चेन्नई स्थित दक्षिणी जोनल कार्यालय के जोनल मैनेजर हैं, ने इस कार्यक्रम से संबंधित स्मारक पट्टिका का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि एलआईसी गोल्डन जुबली फाउंडेशन सामाजिक जिम्मेदारी के तहत स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है।
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सीएमसी वेल्लोर के डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम इस परियोजना के तहत बच्चों की पहचान, जांच और सर्जरी की पूरी प्रक्रिया को संभालेगी। इसके साथ ही सर्जरी के बाद बच्चों के लिए आवश्यक पुनर्वास और श्रवण प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस कार्यक्रम से कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी आमतौर पर काफी महंगी होती है। इस पहल से सैकड़ों बच्चों को बेहतर सुनने और सामान्य जीवन की दिशा में नई उम्मीद मिलेगी।