1 जून से महंगी हुई कमर्शियल LPG, दिल्ली में 42 रुपये बढ़े दाम
1 जून से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महंगे हो गए हैं। दिल्ली में 42 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। घरेलू एलपीजी कीमतें स्थिर हैं, जबकि बढ़ती ईंधन लागत महंगाई बढ़ा सकती है।
1 जून से व्यावसायिक एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं, जिससे होटल, रेस्तरां, कैटरिंग सेवाओं और अन्य व्यवसायों की लागत में इजाफा होने की संभावना है। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि की है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 42 रुपये बढ़ाकर 3,113.50 रुपये कर दी गई है। वहीं कोलकाता में कीमतों में 53.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद नया खुदरा मूल्य 3,255.50 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया है। इसके अलावा 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर की कीमत भी 11 रुपये बढ़ी है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 821.50 रुपये हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन लागत बढ़ने का असर केवल कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगा। परिवहन, खाद्य सेवा और आतिथ्य क्षेत्र में बढ़ी हुई परिचालन लागत का बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। आने वाले समय में भोजन, डिलीवरी सेवाओं और अन्य दैनिक सुविधाओं की कीमतें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर यह है कि रसोई गैस के घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल पुराने दामों पर ही सिलेंडर मिलते रहेंगे।
एलपीजी मूल्य वृद्धि से कुछ दिन पहले ही दिल्ली और आसपास के शहरों में सीएनजी की कीमत 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाकर 83.09 रुपये कर दी गई थी। 15 मई के बाद से सीएनजी कुल 6 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है। इसी दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुए हैं। इससे एलपीजी आयात महंगा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। सरकार का कहना है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।