अकबर रोड मुख्यालय को प्रतीकात्मक महत्व के कारण बनाए रखा: कांग्रेस
कांग्रेस ने अकबर रोड मुख्यालय को उसके प्रतीकात्मक महत्व के कारण बनाए रखा है और सरकारी कार्रवाई को अवैध व राजनीतिक बताते हुए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
कांग्रेस पार्टी ने अकबर रोड स्थित अपने पुराने मुख्यालय को उसके प्रतीकात्मक और राजनीतिक महत्व के कारण बनाए रखा है, भले ही उसने अपनी गतिविधियां इंदिरा भवन में स्थानांतरित कर दी हों।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सरकारी कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे “अवैध और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले में सभी कानूनी विकल्पों का उपयोग करेगी।
पार्टी के अन्य नेताओं ने भी कहा कि अकबर रोड स्थित यह संपत्ति कांग्रेस की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और पार्टी इसके लिए बाजार दर के अनुसार किराया भी देती रही है।
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सूत्रों के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद इस संपत्ति को एक वरिष्ठ कांग्रेस सांसद को आवंटित कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन यह सफल नहीं हो पाई। हालांकि, रायसीना रोड स्थित एक बंगला पार्टी के युवा विंग के उपयोग के लिए आवंटित किया गया है।
ताजा घटनाक्रम से पार्टी के भीतर चिंता बढ़ गई है। कई नेताओं का मानना है कि स्थिति पहले से अधिक गंभीर हो गई है और अब पार्टी कानूनी तथा राजनीतिक दोनों स्तरों पर इस फैसले को चुनौती दे सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस सरकार से कुछ समय की मोहलत मांग सकती है ताकि संपत्ति के आवंटन को पुनर्गठित किया जा सके। एक विकल्प यह भी है कि किसी वरिष्ठ नेता को राज्यसभा में भेजकर उनके नाम पर बंगले का आवंटन कराया जाए, जिससे इसका उपयोग जारी रखा जा सके।
हालांकि, यह सब 28 मार्च की समयसीमा से पहले तेजी से राजनीतिक और कानूनी प्रयासों की मांग करेगा।
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