अमेरिका दबाव में मोदी ने किया ट्रैप डील : कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ‘ट्रैप डील’ बताते हुए मोदी सरकार पर दबाव में हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया और संसद में समझौते का पूरा विवरण साझा करने की मांग की।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विवरण सार्वजनिक न किए जाने को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ तीखा विरोध जताया। संसद परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर कांग्रेस नेताओं ने ‘ट्रैप डील’ लिखा पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और सरकार से समझौते की पूरी जानकारी साझा करने की मांग की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में यह समझौता किया। खड़गे ने कहा कि यह समझौता भारत के हितों के खिलाफ है और सरकार ने किसानों के हितों की अनदेखी की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि एपस्टीन फाइल्स से जुड़े मुद्दों के कारण प्रधानमंत्री ने दबाव में आकर समझौते पर हस्ताक्षर किए।
खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष के सवालों का सामना करने का साहस नहीं दिखा रहे हैं और संसद में इस मुद्दे पर पारदर्शिता की कमी है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने व्यापार समझौते से जुड़ी अहम जानकारियां संसद और जनता से छिपाई हैं। उनका कहना है कि इतने महत्वपूर्ण समझौते पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए थी।
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विपक्षी सांसदों ने भी सरकार से सवाल करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश की अर्थव्यवस्था और किसानों पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। उनका कहना है कि यदि यह समझौता वास्तव में देश के हित में है, तो सरकार को इसकी शर्तें सार्वजनिक करने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए।
सरकार की ओर से अभी तक इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में संसद में इस पर तीखी चर्चा होने की संभावना है।
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