विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का चुनाव आयोग पर तंज, MCC को बताया मोदी का कोड ऑफ कैंपेनिंग
विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट को “मोदी का कोड ऑफ कैंपेनिंग” बताया।
विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा से पहले कांग्रेस ने रविवार, 15 मार्च 2026 को भारत निर्वाचन आयोग पर तंज कसते हुए मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी) को “मोदी का कोड ऑफ कैंपेनिंग” बताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह आचार संहिता अब निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और डर फैलाने का माध्यम बन गई है।
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव आयोग रविवार शाम 4 बजे 2026 के विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित करने वाला है।
जयराम रमेश ने व्यंग्य करते हुए लिखा कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा संभवतः “जी-2” की अनुमति के बाद हो रही है, क्योंकि “जी-1” इस दौर के उद्घाटन, फीता काटने, झंडा दिखाने और नई परियोजनाओं की शुरुआत का काम पूरा कर चुका होगा।
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उन्होंने आगे कहा कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही चुनाव आयोग की मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो जाएगी। हालांकि, उनके मुताबिक 2014 के बाद से एमसीसी का मतलब “मोदी का कोड ऑफ कैंपेनिंग” बन गया है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस कथित “कोड ऑफ कैंपेनिंग” के तहत चुनाव प्रचार में मानहानि, गाली-गलौज, धमकी, डर का माहौल बनाना और झूठ फैलाने जैसी चीजें शामिल रहती हैं। उन्होंने कहा कि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। ऐसे में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी दलों की चुनावी गतिविधियां और अधिक तेज होने की संभावना है।
चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने के बाद संबंधित राज्यों में आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिसके तहत सरकार और राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार से जुड़े कई नियम प्रभावी हो जाते हैं।
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