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ब्रिक्स घोषणा पर कांग्रेस के सवाल, कहा- लद्दाख और अरुणाचल का जिक्र नहीं तो इसे कूटनीतिक जीत कैसे मानें

कांग्रेस ने ब्रिक्स घोषणा पर सवाल उठाते हुए लद्दाख, अरुणाचल और पहलगाम हमले का मुद्दा उठाया। पार्टी ने कहा कि जिम्मेदार पक्षों का स्पष्ट उल्लेख जरूरी था।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की नई दिल्ली घोषणा को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसके परिणामों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि घोषणा में अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और पहलगाम आतंकी हमले जैसे मुद्दों का पर्याप्त रूप से उल्लेख नहीं किया गया, इसलिए इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत नहीं कहा जा सकता।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने कहा कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख जैसे क्षेत्रों में कब्जा किया है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चीन के सामने स्पष्ट रूप से अपनी बात रखनी चाहिए और इन क्षेत्रों से पीछे हटने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर खुलकर कुछ नहीं कह रहे हैं, जिससे जनता के बीच चिंता पैदा हो रही है।

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर नई दिल्ली घोषणा में इस्तेमाल भाषा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि घोषणा में आतंकवाद और पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की गई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि हमले के पीछे कौन था और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद को कौन बढ़ावा दे रहा है। उनके मुताबिक, जिम्मेदार पक्ष का नाम स्पष्ट किए बिना ऐसी घोषणा को कूटनीतिक सफलता नहीं माना जा सकता।

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उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी ब्रिक्स सम्मेलन से देश और आम जनता को होने वाले वास्तविक लाभ पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बड़े आयोजनों का आयोजन करती है, लेकिन इसका फायदा आम नागरिकों तक कितना पहुंचता है, यह भविष्य में स्पष्ट होगा।

वहीं, विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भारत-चीन सीमा पर स्थिरता को दोनों देशों के संबंधों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। दोनों नेताओं ने सीमा विवाद के उचित, तर्कसंगत और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान के प्रति प्रतिबद्धता जताई।

नई दिल्ली घोषणा में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई और युवाओं में उग्रवाद तथा कट्टरपंथ से निपटने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

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