माघ मेले में शंकराचार्य के साथ कथित दुर्व्यवहार पर कांग्रेस का BJP पर हमला
माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को राजसी स्नान से रोके जाने के आरोप पर कांग्रेस ने BJP पर धार्मिक पाखंड का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।
कांग्रेस ने प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कड़ा हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली सरकार ने सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा में हस्तक्षेप किया और शंकराचार्य को परंपरागत ‘राजसी स्नान’ करने की अनुमति नहीं दी।
रविवार को जारी एक बयान में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि BJP एक ओर धर्म और आस्था की राजनीति करने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर प्रतिष्ठित धार्मिक गुरुओं और परंपराओं का अपमान कर रही है। पार्टी ने इसे धर्म के नाम पर दोहरे मापदंड अपनाने का उदाहरण बताया और कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकार की कथनी और करनी के बीच के अंतर को उजागर करती हैं।
कांग्रेस का कहना है कि माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे में किसी शंकराचार्य को उनके पारंपरिक अधिकारों से वंचित करना न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी नुकसान पहुंचाता है।
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पार्टी ने इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री को स्वयं संज्ञान लेते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी धार्मिक परंपराओं और संतों का सम्मान बना रहे। उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
इस विवाद के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। जहां कांग्रेस इसे धार्मिक असहिष्णुता और सत्ता के दुरुपयोग से जोड़ रही है, वहीं BJP की ओर से अभी तक इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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