लोकसभा में कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पेश, JPC को भेजा गया
लोकसभा में कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पेश किया गया और विस्तृत जांच के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया गया है।
लोकसभा में सोमवार को कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पेश किया गया, जिसे आगे की विस्तृत जांच और समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य देश में कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े नियमों को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाना है।
विधेयक पेश किए जाने के दौरान सरकार ने कहा कि यह संशोधन वर्तमान कारोबारी वातावरण के अनुरूप कानूनों को अद्यतन करने के लिए जरूरी है। इसके माध्यम से कंपनियों के संचालन, अनुपालन और नियमन से जुड़े कई प्रावधानों में बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं।
संसद में चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने इस विधेयक के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे और इसे और बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए। इसके बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने का निर्णय लिया गया, ताकि सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जा सके।
जेपीसी इस विधेयक की बारीकी से समीक्षा करेगी और आवश्यक सुझावों के साथ अपनी रिपोर्ट संसद को सौंपेगी। इसके बाद ही विधेयक को अंतिम रूप दिया जाएगा और पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संशोधन से कॉरपोरेट क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा। साथ ही, यह व्यापार करने में आसानी को भी प्रोत्साहित करेगा।
सरकार का कहना है कि यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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