मजबूत लोकतंत्र के लिए देश को जागरूक नागरिक चाहिए, अंधे अनुयायी नहीं: के. पवन कल्याण
के. पवन कल्याण ने कहा कि तकनीक के दौर में सूचना तेजी से पहुंच रही है, लेकिन तेजी सत्य की गारंटी नहीं है। मजबूत लोकतंत्र के लिए जागरूक नागरिक जरूरी हैं।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के. पवन कल्याण ने कहा है कि मजबूत लोकतंत्र के लिए देश को अंधे अनुयायियों की नहीं, बल्कि जागरूक और जानकारी रखने वाले नागरिकों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था तभी मजबूत हो सकती है, जब लोग किसी भी सूचना को बिना जांचे स्वीकार करने के बजाय उसके तथ्यों को समझने और सवाल पूछने की क्षमता रखें।
पवन कल्याण ने तकनीक के तेजी से बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के दौर में सूचना बहुत तेज गति से लोगों तक पहुंच रही है। मोबाइल फोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया ने समाचार तथा सूचनाओं को आम लोगों तक पहुंचाना आसान बना दिया है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि सूचना के तेजी से पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि वह सूचना हमेशा सही या सत्य भी हो।
उन्होंने कहा कि “गति सत्य नहीं है” और लोगों को किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करनी चाहिए। उनके मुताबिक, तकनीकी प्रगति के साथ नागरिकों में सही और गलत सूचना के बीच अंतर करने की क्षमता विकसित करना भी बेहद जरूरी है।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव और मतदान तक सीमित नहीं है। एक स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए नागरिकों का जागरूक, जिम्मेदार और सक्रिय होना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी राजनीतिक नेता, संगठन या विचारधारा का आंख मूंदकर समर्थन करने के बजाय तथ्यों और तर्क के आधार पर अपनी राय बनाएं।
पवन कल्याण के अनुसार, जब नागरिक सवाल पूछते हैं, जानकारी की जांच करते हैं और अपने अधिकारों तथा जिम्मेदारियों को समझते हैं, तभी लोकतंत्र अधिक मजबूत बनता है। उन्होंने तकनीक के युग में जागरूक नागरिकता को देश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।