चक्रवात अर्नब कल आंध्र प्रदेश में देगा दस्तक, ओडिशा-आंध्र में स्कूल बंद, यूपी-एमपी तक असर
चक्रवात अर्नब बुधवार दोपहर विशाखापट्टनम और बापटला के बीच आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा, जिससे 400 किलोमीटर का इलाका प्रभावित हो सकता है।
चक्रवात अर्नब के आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका को देखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश सरकारों ने एहतियाती उपाय तेज कर दिए हैं। दोनों राज्यों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है, समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है और बचाव दलों को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात अर्नब फिलहाल 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विशाखापट्टनम से बापटला की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार दोपहर तक इसके आंध्र प्रदेश तट से टकराने की संभावना है। चक्रवात के असर से करीब 400 किलोमीटर का इलाका प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि तट से टकराने के समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है, जो बढ़कर 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। समुद्र में 14 मीटर से भी ऊंची लहरें उठने की आशंका है, जिससे आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों के निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है।
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मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात अर्नब के कारण 28 से 30 अक्टूबर के बीच पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए इन राज्यों में भी प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियां चल रही हैं। समुद्र किनारे के गांवों और कस्बों में प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है ताकि तेज हवाओं और ऊंची लहरों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है और जो नावें समुद्र में थीं, उन्हें वापस बुला लिया गया है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका के मद्देनजर बिजली विभाग की टीमों को भी तैयार रखा गया है। बचाव और राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बल की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जा रहा है, ताकि चक्रवात के टकराने के बाद तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।
मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे तटीय इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। चक्रवात के असर को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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