रोहिणी में डीडीए का विशेष गाद सफाई अभियान, भूमिगत नाले से हटाई गई 10 हजार मीट्रिक टन से अधिक गाद
दिल्ली विकास प्राधिकरण ने रोहिणी के भूमिगत ट्रंक आउटफॉल ड्रेन में विशेष सफाई अभियान चलाकर 10 हजार मीट्रिक टन से अधिक जमा गाद हटाई और जल निकासी व्यवस्था मजबूत की।
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने उपराज्यपाल (एलजी) तरणजीत सिंह संधू के निर्देशों के तहत रोहिणी क्षेत्र में एक बड़े भूमिगत ट्रंक आउटफॉल ड्रेन की विशेष गाद सफाई का अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस अभियान के दौरान नाले में लंबे समय से जमा 10 हजार मीट्रिक टन से अधिक गाद को हटाया गया।
डीडीए के अनुसार, यह अभियान दिल्ली में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने के उद्देश्य से चलाया गया। रोहिणी स्थित यह भूमिगत नाला क्षेत्र की जल निकासी प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अधिकारियों ने बताया कि नाले में जमा भारी मात्रा में गाद के कारण पानी के प्रवाह में बाधा आ रही थी। विशेष तकनीक और आधुनिक उपकरणों की मदद से सफाई अभियान चलाया गया और जमा मलबे को बाहर निकाला गया।
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डीडीए ने कहा कि इस तरह के बड़े पैमाने के सफाई अभियान से न केवल जल निकासी क्षमता में सुधार होगा, बल्कि भारी बारिश के दौरान सड़कों और रिहायशी इलाकों में जलभराव की संभावना भी कम होगी।
अधिकारियों के मुताबिक, भूमिगत नालों की सफाई एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है, क्योंकि इनमें पहुंच और काम करने के लिए विशेष व्यवस्था की जरूरत होती है। इस अभियान में सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखा गया।
उपराज्यपाल कार्यालय ने दिल्ली में मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में डीडीए लगातार अपने अधिकार क्षेत्र के नालों और जल निकासी ढांचों की समीक्षा कर रहा है।
डीडीए ने आगे भी ऐसे अभियानों को जारी रखने की योजना बनाई है, ताकि दिल्ली में बारिश के मौसम में नागरिकों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। प्रशासन का कहना है कि बेहतर जल प्रबंधन और नियमित सफाई से शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा सकता है।
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