दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का दीपक खत्री गिरफ्तार, हथियार तस्करी में अहम कड़ी होने का आरोप
दिल्ली पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित रूप से जुड़े दीपक खत्री को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि वह हथियार तस्करी और गिरोह के बीच अहम कड़ी था।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े दीपक खत्री उर्फ दीपक नंदा उर्फ ‘मामा’ को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 45 वर्षीय दीपक खत्री पश्चिम विहार का रहने वाला है और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी तथा कथित आतंकी मॉडल से जुड़ा हुआ था।
अपराध शाखा के मुताबिक, यह कार्रवाई एफआईआर नंबर 49/26 की जांच के दौरान की गई। खत्री के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर के आधार पर उसे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद उसे मामले में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का दावा है कि खत्री बिश्नोई का करीबी सहयोगी था और जेल में बंद गिरोह के सदस्यों तथा बाहर मौजूद उनके साथियों के बीच संदेश पहुंचाने का काम करता था। जांच के अनुसार, खत्री की 2021 में बिश्नोई से मुलाकात हुई थी, जब उसे पुलिस रिमांड पर दिल्ली लाया गया था। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ता गया।
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पुलिस के अनुसार, खत्री की पहचान काला जठेड़ी, काला राणा और जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े लोगों से भी हुई थी। दिल्ली में बिश्नोई के नाम पर धमकी और जबरन वसूली के मामले सामने आने के बाद कई पीड़ित कथित तौर पर खत्री के संपर्क में आए।
जांच एजेंसी का दावा है कि 2023 में बिश्नोई ने एक कारोबारी से जुड़े करीब 2.5 करोड़ रुपये की रंगदारी और धमकी के मामले में समझौता कराने की जिम्मेदारी खत्री को दी थी।
अपराध शाखा के मुताबिक, खत्री की भूमिका विदेशी हथियारों की अवैध खरीद-फरोख्त में भी सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि उसे गिरोह के सदस्यों के लिए हथियार और गोला-बारूद जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान 32 विदेशी हथियार और गोला-बारूद, जिनमें दो सब-मशीन गन और 363 जिंदा कारतूस शामिल हैं, बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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