दिल्ली विधानसभा की युवा पहल, जेन-ज़ेड छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और विधायी विरासत से जोड़ेगी
दिल्ली विधानसभा की युवा संपर्क पहल के तहत किरोड़ीमल कॉलेज और रामजस कॉलेज के छात्रों को विधायी विरासत, लोकतांत्रिक संस्थाओं और विधानसभा की कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया।
दिल्ली विधानसभा ने युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं और देश की विधायी विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष युवा संपर्क पहल शुरू की है। इस पहल के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े किरोड़ीमल कॉलेज और रामजस कॉलेज के छात्रों ने दिल्ली विधानसभा का दौरा किया।
छात्रों का स्वागत करते हुए दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र तभी बनता है, जब युवा नागरिक उसकी संस्थाओं, विचारों और प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था की जानकारी देना और उन्हें विधायी प्रक्रियाओं से परिचित कराना समय की आवश्यकता है।
इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी, खासकर जेन-ज़ेड, को लोकतंत्र के कामकाज को करीब से समझने का अवसर देना है। छात्रों को विधानसभा की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रियाओं और सदन में होने वाली चर्चाओं के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि कानून बनाने की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है और निर्वाचित प्रतिनिधियों की लोकतंत्र में क्या भूमिका होती है। इसके अलावा, विधानसभा से जुड़ी ऐतिहासिक और विधायी विरासत के बारे में भी जानकारी साझा की गई।
विजेंद्र गुप्ता ने युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उसकी भागीदारी से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होती है।
दिल्ली विधानसभा की इस पहल के माध्यम से छात्रों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर दिया जा रहा है। कॉलेज छात्रों की भागीदारी से उन्हें संसदीय परंपराओं, विधायी कार्यों और नागरिक जिम्मेदारियों के बारे में व्यावहारिक अनुभव मिलने की उम्मीद है।
यह पहल युवाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच संवाद बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे छात्रों में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने की जागरूकता बढ़ सकती है।