दिल्ली बजट सत्र के अंतिम दिन AAP पर तीखा हमला, CAG रिपोर्ट बनी बड़ा मुद्दा
दिल्ली बजट सत्र के अंतिम दिन CAG रिपोर्ट को लेकर सरकार ने AAP पर हमला बोला, जिसमें यमुना प्रदूषण, आबकारी नीति और शिक्षा क्षेत्र में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए।
दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन राजनीतिक माहौल गरमाया रहा, जब सरकार ने आम आदमी पार्टी (AAP) की पूर्व सरकार पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों के आधार पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा पहले प्रस्तुत की गई इन रिपोर्टों में यमुना नदी के प्रदूषण, अब समाप्त हो चुकी आबकारी नीति और शिक्षा क्षेत्र में कथित अनियमितताओं का जिक्र किया गया था।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 2018 से 2023 तक दिल्ली सरकार के विश्वविद्यालयों से संबंधित CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए इसे पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) को भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन रिपोर्टों में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिनकी जांच जरूरी है।
वहीं, जल मंत्री परवेश वर्मा ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़ी ऑडिट रिपोर्ट का जिक्र करते हुए जल प्रबंधन, सीवर सिस्टम और यमुना की सफाई में कथित विफलताओं को उजागर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में इन क्षेत्रों में गंभीर लापरवाही बरती गई।
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मंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार इन “विरासत में मिली समस्याओं” को दूर करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप पर काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यमुना की सफाई और जल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान विधानसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। बजट सत्र के अंतिम दिन CAG रिपोर्टों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए, जिससे दिल्ली की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।
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