दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आप पर हमला, बोलीं- पिछली सरकार के घोटालों पर पेस्टीसाइड छिड़क रहे हैं
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में आप पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने सीएजी रिपोर्टों का हवाला देते हुए पिछली सरकार की योजनाओं और खर्च पर सवाल उठाए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा में आम आदमी पार्टी पर जमकर हमला बोला। सीएजी रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान उन्होंने पिछली सरकार पर कई योजनाओं में कथित अनियमितताओं और घोटालों के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने डेढ़ साल के भीतर 19 सीएजी रिपोर्ट सदन में पेश की हैं, जिन्हें काफी पहले पेश किया जाना चाहिए था।
रेखा गुप्ता ने दावा किया कि सीएजी रिपोर्टों ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में दिल्ली का बजट 80 हजार करोड़ रुपये था, लेकिन केवल 61 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान कई योजनाओं की घोषणा तो की गई, लेकिन उनके लिए कोई राशि खर्च नहीं की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की 32 योजनाएं ऐसी थीं, जिनकी घोषणा के बावजूद एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया। उन्होंने मेट्रो, आयुष्मान योजना, दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय और विशेष शिक्षा विद्यालय से जुड़ी धनराशि का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान जीएसटी का रिफंड भी नहीं किया जाता था।
मुफ्त बिजली सब्सिडी को लेकर भी रेखा गुप्ता ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई घरों में बिजली की रीडिंग नहीं ली जाती थी और इसके बावजूद सब्सिडी दी जाती थी। उन्होंने कहा कि रेगुलेटरी एसेट्स बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गए हैं, लेकिन उनकी सरकार जनता पर इसका बोझ नहीं पड़ने देगी।
विधानसभा में मंगलवार को राशन के कथित घोटाले को लेकर आप विधायकों ने हंगामा किया। आप ने आरोप लगाया कि एफसीआई से खरीदे गए चावल को बाजार में अधिक कीमत पर बेचकर 22 हजार करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। चर्चा की मांग को लेकर संजीव झा, जरनैल सिंह समेत पांच विधायकों को मार्शल के जरिए सदन से बाहर किया गया। बाद में कुलदीप कुमार ने सदन के वेल में चावल फेंककर विरोध जताया, जिसके बाद उन्हें भी बाहर कर दिया गया।
मंत्री मनजिंदर सिरसा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने न चावल खरीदा और न बेचा। उन्होंने कहा कि केवल एक कंपनी का प्रस्ताव आया था, जिस पर उन्होंने उसे विचार करने के लिए कहा था। उन्होंने आप पर महिलाओं को मिलने वाली राशि से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया और मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी।
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