दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, जेल में अप्राकृतिक मौत पर परिजनों को मिलेगा 7.5 लाख रुपये तक मुआवजा
दिल्ली सरकार ने जेलों में अप्राकृतिक कारणों से कैदियों की मौत पर उनके परिवारों को 7.5 लाख रुपये तक मुआवजा देने की योजना अधिसूचित की है।
दिल्ली सरकार ने जेलों में अप्राकृतिक कारणों से होने वाली कैदियों की मौत के मामलों में उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए एक नई योजना अधिसूचित की है। इस योजना के तहत मृत कैदियों के परिजनों को अधिकतम 7.5 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से रविवार को इस योजना की जानकारी दी गई। सरकार का कहना है कि जेलों में किसी कैदी की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर उसके परिवार को आर्थिक संकट से उबारने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
योजना के अनुसार, यदि किसी कैदी की जेल में अप्राकृतिक कारणों से मौत होती है तो पात्र परिवार को निर्धारित नियमों के तहत मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य मृत कैदियों के आश्रितों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अचानक आई परेशानी का सामना करने में मदद मिल सके।
दिल्ली सरकार ने कहा कि जेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। कैदियों के अधिकारों, सुरक्षा और मानवीय व्यवहार को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार, मुआवजे की राशि और पात्रता से जुड़े नियमों को योजना के प्रावधानों के अनुसार तय किया जाएगा। संबंधित विभाग आवेदन प्रक्रिया और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएगा।
गौरतलब है कि जेलों में कैदियों की मौत के मामले समय-समय पर चर्चा में आते रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों और विशेषज्ञों की ओर से लंबे समय से जेलों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने और कैदियों के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई जाती रही है।
दिल्ली सरकार की यह योजना जेल सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी, जिन्होंने जेल में बंद अपने सदस्य को अप्रत्याशित परिस्थितियों में खो दिया है।
और पढ़ें: सीजेपी प्रदर्शन के बीच दिल्ली में वीकेंड पर रात 8 बजे बंद होंगी शराब की दुकानें