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दिल्ली में आईएसआई समर्थित जासूसी मॉडल का भंडाफोड़, दंपती ने पाकिस्तान भेजे सिम कार्ड और संवेदनशील जानकारी

दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए कथित तौर पर काम कर रहे दंपती को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने सिम कार्ड और रक्षा संबंधी जानकारी पाकिस्तान भेजी।

दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए कथित तौर पर काम कर रहे एक दंपती को गिरफ्तार कर राजधानी में सक्रिय जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद साहिल और उसकी पत्नी समीरा के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2001 में जन्मा साहिल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला है और एलएलबी की पढ़ाई करने की योजना बना रहा था। उसकी पत्नी समीरा का जन्म 2005 में हुआ और वह 12वीं कक्षा तक पढ़ी है। वह बिजनौर की रहने वाली है। दोनों वर्तमान में दिल्ली के सराय काले खां इलाके में रहते थे।

विशेष प्रकोष्ठ की उत्तरी रेंज ने खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, साहिल वर्ष 2024 से एक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में था। उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए एजेंट से हुई थी। कथित तौर पर आर्थिक लाभ का भरोसा देकर एजेंट ने साहिल और समीरा को जासूसी नेटवर्क में शामिल किया।

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पुलिस का कहना है कि दंपती को पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के नेटवर्क को रसद सहायता देने और जासूसी तथा मैदानी गतिविधियों के लिए नए लोगों की भर्ती करने का काम सौंपा गया था।

पाकिस्तान भेजे आठ सिम कार्ड

जांच में सामने आया कि दंपती ने आठ भारतीय सिम कार्ड खरीदे और उन्हें दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया। इसके बदले उन्हें पाकिस्तानी हैंडलरों से 30 हजार रुपये मिले। पुलिस ने दोनों के दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। फोरेंसिक जांच में पाकिस्तानी एजेंटों के साथ कथित आपत्तिजनक चैट मिली हैं।

पुलिस के अनुसार, इन सिम कार्ड से पाकिस्तान में व्हाट्सऐप खाते सक्रिय किए गए। इनके जरिए भारतीय रक्षा से संबंधित संवेदनशील और गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई। इन खातों का इस्तेमाल भारतीयों से संपर्क कर महत्वपूर्ण सूचनाएं जुटाने के लिए भी किया गया।

छावनी क्षेत्रों की रेकी का आरोप

पुलिस ने बताया कि दंपती को देश के अलग-अलग हिस्सों में सैन्य छावनी क्षेत्रों की रेकी करने का निर्देश दिया गया था। उन्हें ऐसे सैन्यकर्मियों की जानकारी जुटाने का काम भी दिया गया था, जिनके कोर्ट मार्शल से जुड़े मामले न्यायाधिकरण के समक्ष लंबित थे।

जांच में यह भी सामने आया कि समीरा कथित तौर पर पाकिस्तानी एजेंटों को सिम कार्ड उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी। दोनों व्हाट्सऐप के माध्यम से पाकिस्तानी एजेंटों के लगातार संपर्क में थे।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान स्थित हैंडलरों और उनके ओवरग्राउंड वर्करों तथा स्लीपर सेल के साथ संपर्क और समन्वय के तरीकों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, अभियान के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों की कथित जासूसी गतिविधियों को समय रहते विफल किया गया।

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