दिल्ली मेट्रो के पास पतंग उड़ाना हो सकता है जानलेवा, स्वतंत्रता दिवस से पहले डीएमआरसी की एडवाइजरी
स्वतंत्रता दिवस से पहले डीएमआरसी ने मेट्रो की ऊंची लाइनों के पास पतंग उड़ाने से बचने की अपील की है। 25 हजार वोल्ट की बिजली गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
स्वतंत्रता दिवस नजदीक आते ही दिल्ली-एनसीआर में पतंग उड़ाने का सिलसिला बढ़ जाता है। ऐसे में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने लोगों को मेट्रो की ऊंची लाइनों के आसपास पतंग नहीं उड़ाने की सलाह दी है। डीएमआरसी ने चेतावनी दी है कि पतंग या उसकी डोर मेट्रो के बिजली उपकरणों के संपर्क में आकर जानलेवा हादसे का कारण बन सकती है।
डीएमआरसी ने लोगों से अपील की कि वे पतंग उड़ाते समय एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। मेट्रो ट्रेनों को बिजली देने वाले ओवरहेड उपकरण यानी ओएचई में करीब 25 हजार वोल्ट का करंट रहता है। यदि पतंग या उसकी डोर इन तारों में फंस जाती है तो बिजली का झटका लगने के साथ मेट्रो परिचालन भी प्रभावित हो सकता है।
धातु वाली मांझा ज्यादा खतरनाक
डीएमआरसी के अनुसार, धातु या बिजली प्रवाहित करने वाली मांझा इस खतरे को और बढ़ा देती है। ऐसी डोर के ओएचई के संपर्क में आने पर जान जाने का खतरा रहता है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है और मेट्रो के पेंटोग्राफ या ओएचई प्रणाली को नुकसान पहुंच सकता है।
इससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ सकता है।
खुले स्थानों पर उड़ाएं पतंग
डीएमआरसी ने लोगों से अपील की है कि पतंग उड़ाने के लिए मेट्रो कॉरिडोर से दूर खुले और सुरक्षित स्थानों का चयन करें। खासकर उन इलाकों में रहने वाले लोगों को छतों से पतंग उड़ाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है, जहां एलिवेटेड मेट्रो लाइनें आसपास से गुजरती हैं।
डीएमआरसी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के दौरान पतंगों की संख्या बढ़ने को देखते हुए विशेष टीमें तैनात की जाती हैं। ये टीमें मेट्रो ढांचे के आसपास फंसी डोर को हटाती हैं। ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन कर्मचारियों को भी अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मेट्रो के बिजली उपकरणों में पतंग की डोर फंसने से बिजली आपूर्ति ट्रिप हो सकती है, पेंटोग्राफ क्षतिग्रस्त हो सकता है और सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित हो सकती हैं। इसलिए सुरक्षा के लिए मेट्रो लाइनों से दूर पतंग उड़ाना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।