दिल्ली मेट्रो के लाल और नीली लाइनों पर 70 ट्रेनों का उन्नयन: क्या सेवाओं पर असर पड़ेगा?
दिल्ली मेट्रो 2027 तक लाल और नीली लाइनों की 70 ट्रेनों का उन्नयन कर रही है। ट्रेनों की सेवा प्रभावित नहीं होगी, और उन्नयन चरणों में किया जाएगा।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) अपने मिड-लाइफ रिफर्बिशमेंट प्रोग्राम के तहत लाल और नीली लाइनों पर 70 ट्रेनों का उन्नयन कर रहा है। ये ट्रेनें 2002 और 2007 के बीच शुरू की गई थीं, और इनकी सेवा लगभग 19 से 24 साल पुरानी हो चुकी है। अब इन्हें नए तकनीकी मानकों और सुविधाओं से उन्नत किया जा रहा है।
DMRC ने ट्रेनों के उन्नयन की प्रक्रिया तीन चरणों में शुरू की है। पहले चरण में 12 ट्रेनों का उन्नयन हो चुका है, दूसरे चरण में 18 ट्रेनें फिर से तैयार की जा चुकी हैं, और तीसरे चरण में 22 ट्रेनें नवंबर 2027 तक उन्नत की जाएंगी। हर ट्रेन की आंतरिक संरचना, जैसे यात्री सेक्शन और ड्राइवर कक्ष को फिर से पेंट किया गया है और वर्षों के उपयोग से होने वाली समस्याओं को ठीक किया गया है।
इसके अलावा, नई IP-बेस्ड पैसेंजर अनाउंसमेंट सिस्टम, CCTV, LCD आधारित डायनामिक रूट मैप, और आपातकालीन स्थिति में ट्रेन ऑपरेटर से संवाद करने की सुविधा भी जोड़ दी गई है। ट्रेनों में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स भी उपलब्ध होंगे।
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DMRC का कहना है कि इन उन्नयन कार्यों के चलते मेट्रो सेवाओं में कोई बड़ी रुकावट नहीं आएगी, क्योंकि यह काम चरणों में किया जा रहा है। उन्नत की गई ट्रेनें फिर से सेवा में लौट चुकी हैं, जिससे संकेत मिलता है कि संचालन में कोई विघ्न नहीं होगा।