दिल्ली-एनसीआर में धूलभरी हवा और कम दृश्यता का कारण क्या है? जानिए पूरी वजह
दिल्ली-एनसीआर में धूलभरी हवाओं के कारण दृश्यता कम और प्रदूषण बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह धूल बलूचिस्तान और पाकिस्तान से आई तेज पश्चिमी हवाओं की वजह से फैली।
दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों धूलभरी हवाओं के कारण दृश्यता काफी कम हो गई है और वायु प्रदूषण भी बढ़ गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 5 से 6 मार्च के बीच पश्चिम दिशा से 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। ये हवाएं पाकिस्तान के बलूचिस्तान और मध्य पाकिस्तान के क्षेत्रों से धूल अपने साथ लेकर आईं, जिससे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में धूल की परत छा गई।
हाल के दिनों में ईरान में चल रहे युद्ध को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या वहां के बम धमाकों से उठने वाला धुआं भारत तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान में बमबारी से उठने वाला धुआं और उसके कारण होने वाली अम्लीय वर्षा का असर केवल तेहरान और आसपास के क्षेत्रों तक सीमित रहा है। भारत और ईरान के बीच लगभग 2500 से 3000 किलोमीटर की दूरी है, इसलिए इसका भारत पर असर पड़ने की संभावना बेहद कम है। साथ ही हवाओं की दिशा भी भारत के विपरीत है, जिससे धुआं चीन और रूस की ओर जा सकता है।
दिल्ली में अचानक बढ़ती गर्मी का कारण भी यही प्रदूषण बताया जा रहा है। धूल और प्रदूषक कण सूरज की ऊर्जा को रोकते हैं, जिससे मौसम में अचानक बदलाव महसूस होता है।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार सोमवार सुबह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 4.8 डिग्री अधिक है। पालम और लोधी रोड में भी यही तापमान दर्ज हुआ, जबकि रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार सुबह 9 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 236 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।