दिल्ली-एनसीआर में बढ़े H1N1 के मामले, डॉक्टरों ने बताए लक्षण, बचाव और चेतावनी संकेत
दिल्ली-एनसीआर में H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच डॉक्टरों ने प्रमुख लक्षण, संक्रमण से बचाव के उपाय, एंटीबायोटिक से परहेज और गंभीर चेतावनी संकेत बताए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में H1N1 के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर श्वसन संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उमस और लगातार बदलते मौसम के बीच डॉक्टरों ने लोगों को लक्षणों की समय रहते पहचान करने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, घरों और कार्यालयों जैसे बंद स्थानों में अधिक समय बिताने से भी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
पंचकूला स्थित पारस हेल्थ के इंटरनल मेडिसिन विभाग के निदेशक डॉ. सुमित जैन और यशोदा मेडिसिटी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विनय भाट ने H1N1 से जुड़े लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
H1N1 के प्रमुख लक्षण
डॉक्टरों के अनुसार H1N1 को सामान्य सर्दी-जुकाम या बुखार समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके सामान्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक थकान शामिल हैं। यदि लक्षण गंभीर हों या अपेक्षित समय में सुधार न हो तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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संक्रमण से कैसे बचें?
संक्रमण का खतरा कम करने के लिए नियमित रूप से हाथ धोना, खांसते या छींकते समय सावधानी बरतना और घर के अंदर पर्याप्त वेंटिलेशन रखना जरूरी है। फ्लू जैसे लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से बचना चाहिए। बीमार व्यक्ति से नजदीकी संपर्क से बचने और लक्षण होने पर स्कूल या कार्यालय न जाने की सलाह दी गई है।
बिना सलाह एंटीबायोटिक न लें
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि एंटीबायोटिक दवाएं इन्फ्लुएंजा वायरस के खिलाफ प्रभावी नहीं होतीं। इसलिए फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर खुद से एंटीबायोटिक लेना नुकसानदायक हो सकता है। दवा डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेनी चाहिए।
किन लोगों को अधिक सावधानी चाहिए?
बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों को फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर जल्द चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या असहजता, लगातार या बढ़ता बुखार, अत्यधिक उनींदापन, चेतना में बदलाव और ऑक्सीजन स्तर में गिरावट जैसे संकेत गंभीर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
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