जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए बंद नहीं हुआ है, वायरल दावों को दिल्ली पुलिस ने बताया झूठा
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर बंद होने के वायरल दावों को खारिज किया। पुलिस ने कहा कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अधिकृत स्थल है और नियमों के तहत अनुमति दी जाती है।
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर को बंद कर दिया गया है। पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह झूठा, भ्रामक और तथ्यों से रहित बताया।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर अभी भी शांतिपूर्ण और अधिकृत प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थान है। पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और उसके अनुपालन में जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार, इस स्थान पर अधिकतम 1,000 लोगों को प्रदर्शन की अनुमति दी जा सकती है।
पुलिस के अनुसार, यह अनुमति संबंधित आयोजकों या व्यक्तियों द्वारा औपचारिक आवेदन करने के बाद सक्षम अधिकारी द्वारा दी जाती है। इसके लिए निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना जरूरी होता है।
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दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे बिना पुष्टि वाली सूचनाओं पर विश्वास न करें और उन्हें आगे साझा करने से बचें। पुलिस ने कहा कि सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा किया जाना चाहिए।
गोली लगने के दावे को भी पुलिस ने किया खारिज
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को नई दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगने के सोशल मीडिया दावों को भी खारिज किया। पुलिस ने बताया कि मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) रिपोर्ट में दाहिने कान के सामने चोट दर्ज की गई है, जिसे डॉक्टर ने सामान्य चोट बताया है।
पुलिस के अनुसार, चिकित्सकीय जांच में गोली लगने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। पुलिस ने कहा कि गोली लगने संबंधी दावा मेडिकल रिपोर्ट से समर्थित नहीं है और लोगों को ऐसी जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचनी चाहिए।
सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के लिए एक्स को पत्र
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी (कॉकरेच जनता पार्टी) के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के दौरान संवैधानिक पदों को निशाना बनाने वाली कथित आपत्तिजनक और मानहानिकारक सामग्री के मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को पत्र लिखा है।
पुलिस ने एक्स से कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो हटाने के साथ-साथ उन्हें अपलोड करने वाले उपयोगकर्ताओं की पूरी जानकारी मांगी है। इसमें नाम, पता, संपर्क विवरण, ईमेल आईडी और लॉगिन-लॉगआउट रिकॉर्ड जैसी जानकारी शामिल है।
पुलिस ने जांच के लिए संबंधित डेटा सुरक्षित रखने और आगे की कार्रवाई में सहयोग करने का भी अनुरोध किया है।
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का निर्देश
दिल्ली पुलिस ने इससे पहले छात्र प्रदर्शनों और 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च से जुड़ी हिंसा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियों वाली सामग्री हटाने के निर्देश भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को दिए थे। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कई प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक भाषा वाले पोस्ट सामने आए थे।
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