महिला की मॉर्फ्ड तस्वीरों के पुराने मामले में सीजेपी नेताओं को दिल्ली पुलिस का नया नोटिस
दिल्ली पुलिस ने महिला की कथित मॉर्फ्ड तस्वीरों के मामले में सीजेपी नेताओं को नए नोटिस दिए। इस बीच, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में 100 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए।
दिल्ली पुलिस ने एक महिला की तस्वीरों को कथित तौर पर बदलकर आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने और इंटरनेट पर प्रसारित करने के पुराने मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं को नए नोटिस जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है। मामला उस महिला की शिकायत से जुड़ा है, जिसकी तस्वीरों को कथित रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से आपत्तिजनक रूप दिया गया था।
यह घटनाक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी सीजेपी के प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। संगठन ने अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है और दोपहर दो बजे प्रेस वार्ता करने का कार्यक्रम बनाया है।
हाईकोर्ट ने पहले भी दिए थे निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला की याचिका पर पहले सीजेपी नेताओं को नोटिस जारी किए थे और पुलिस को उन्हें नोटिस तामील कराने का निर्देश दिया था। अदालत ने मेटा के सोशल मीडिया मंचों को भी महिला की तस्वीरों से जुड़ी कथित रूप से छेड़छाड़ की गई सामग्री तत्काल हटाने का आदेश दिया था। महिला का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उसकी एआई से बनाई गई तस्वीरें ऑनलाइन प्रसारित की गईं और सीजेपी से जुड़े एक प्रदर्शन के दौरान भी दिखाई गईं।
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महिला ने अदालत से ऐसी तस्वीरों को सोशल मीडिया मंचों और अन्य वेबसाइटों से हटाने की मांग की है। उसने सीजेपी कार्यकर्ताओं सौरव दास, अभिजीत दीपके, अशुतोष रांका और रत्ना सिंह को अपनी याचिका में पक्षकार बनाया है। ये आरोप हैं और अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
दिल्ली पुलिस के साइबर थाने में इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
सीजेपी प्रदर्शन के दौरान 100 से अधिक लोग हिरासत में
इसी बीच, दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के दूसरे दिन जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इनमें सीजेपी समर्थकों के अलावा स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और क्रांतिकारी युवा संगठन के सदस्य भी शामिल थे।
सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि ट्रेनें रद्द करने, प्रदर्शनों पर रोक और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने से आपातकाल जैसी स्थिति पैदा की जा रही है। सौरव दास ने कहा कि आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में जारी रहेगा।
सीजेपी और विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।