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जेएनयू यौन उत्पीड़न मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया

दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को जेएनयू यौन उत्पीड़न मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। विश्वविद्यालय उन्हें पहले ही सेवा से बर्खास्त कर चुका है।

दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार, 14 अक्टूबर को जारी नोटिस में उन्हें गुरुवार, 15 अक्टूबर को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में पेश होने का निर्देश दिया गया है।

पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किया है। इसे अकोइजम के आवास के बाहर चिपकाया गया। नोटिस में उन्हें जांच में शामिल होने और अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।

अकोइजम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

मणिपुर के इनर मणिपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा का अपमान करने के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर 11 अक्टूबर को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में मामला दर्ज हुआ।

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प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत दर्ज की गई है। ये धाराएं यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा का अपमान करने जैसे अपराधों से संबंधित हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। आरोप है कि उन्होंने बैठकों या समारोहों के बहाने छात्राओं को अपने आवास पर बुलाया और अनुचित व्यवहार किया। कुछ छात्राओं ने कक्षा में अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का भी आरोप लगाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जेएनयू ने पहले ही किया बर्खास्त

जेएनयू ने 9 अक्टूबर को आंतरिक समिति की जांच और उसकी सिफारिशों के आधार पर अकोइजम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया था। वह सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केंद्र में पढ़ाते थे।

कुलपति शांतिश्री डी. पंडित द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया कि उचित प्रक्रिया और उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद बर्खास्तगी का फैसला लिया गया। आदेश में विश्वविद्यालय के सेवा नियमों और केंद्रीय सिविल सेवा नियमावली का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस की जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।

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