दिल्ली दंगों का मामला: जमानत मिलने के बाद पांचवें आरोपी को रिहा करने का आदेश
दिल्ली दंगों के साजिश मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शाहदाब अहमद को भी रिहा किया गया, अदालत ने सभी शर्तें पूरी होने पर आदेश जारी किया।
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत पाने वाले पांच आरोपियों में से पांचवें आरोपी शाहदाब अहमद को रिहा करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश गुरुवार (8 जनवरी 2026) को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बजाज ने पारित किया।
अदालत ने ₹2 लाख के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो स्थानीय जमानतदारों को स्वीकार करते हुए शाहदाब अहमद की रिहाई के आदेश दिए। यह आदेश दिल्ली पुलिस द्वारा आरोपी के जमानतदारों और दस्तावेजों की सत्यापन रिपोर्ट अदालत में पेश किए जाने के बाद जारी किया गया। अदालत ने कहा कि आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई सभी जमानत शर्तों का पालन किया है।
इससे पहले बुधवार (7 जनवरी 2026) को अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि आरोपी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और जमानतदारों का सत्यापन किया जाए। उसी दिन चार अन्य आरोपियों को भी रिहा कर दिया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जमानत दी थी।
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सोमवार (5 जनवरी 2026) को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया था, जबकि पांच अन्य आरोपियों को जमानत प्रदान की थी। शीर्ष अदालत ने कहा था कि सभी आरोपियों की भूमिका समान नहीं है और भागीदारी की श्रेणी के आधार पर फैसला लिया गया है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने कहा था कि उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते समय पांचों आरोपियों पर कुल 11 शर्तें लगाई थीं। अदालत ने स्पष्ट किया था कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है, तो निचली अदालत सुनवाई के बाद जमानत रद्द कर सकती है। शर्तों के तहत आरोपियों को दिल्ली की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सीमा में रहने, पासपोर्ट जमा करने, बिना अनुमति बाहर न जाने और किसी भी गवाह या मामले से जुड़े व्यक्ति को प्रभावित न करने का निर्देश दिया गया है।
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