दिल्ली स्टार्टअप नीति 2026 से 10 हजार से अधिक स्टार्टअप को समर्थन और चार लाख रोजगार का लक्ष्य: आशीष सूद
दिल्ली सरकार की स्टार्टअप नीति 2026 का लक्ष्य 10 हजार से अधिक स्टार्टअप को समर्थन देना और चार लाख रोजगार पैदा करना है। नीति में संस्थापकों की भागीदारी होगी।
दिल्ली सरकार की प्रस्तावित स्टार्टअप नीति 2026 का उद्देश्य राजधानी में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देना है। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि नई नीति के तहत 10 हजार से अधिक स्टार्टअप को समर्थन देने और करीब चार लाख रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार दिल्ली स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन नीति 2026 तैयार कर रही है। इसके लिए देशभर के प्रमुख स्टार्टअप संस्थापकों के साथ सीधे सहयोग किया जा रहा है। खास बात यह है कि इन संस्थापकों ने अपने उद्यम दिल्ली में स्थापित किए और उन्हें आगे बढ़ाया है। सरकार का मानना है कि इन अनुभवी उद्यमियों के सुझावों से ऐसी नीति तैयार करने में मदद मिलेगी, जो स्टार्टअप क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हो।
प्रस्तावित नीति के माध्यम से दिल्ली को स्टार्टअप और नवाचार के लिए एक मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। नए उद्यम शुरू करने वाले युवाओं और उद्यमियों को अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के साथ उनके कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग देने की योजना है।
स्टार्टअप क्षेत्र को रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। ऐसे में सरकार का चार लाख रोजगार पैदा करने का लक्ष्य युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इससे प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
नीति तैयार करने की प्रक्रिया में सफल स्टार्टअप संस्थापकों की भागीदारी को सरकार महत्वपूर्ण मान रही है। दिल्ली में पहले से स्थापित और सफल उद्यमों के अनुभवों का इस्तेमाल नई नीति के प्रावधानों को अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए किया जाएगा।
दिल्ली सरकार की यह पहल राजधानी में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। नीति के अंतिम स्वरूप और इसके तहत मिलने वाली सुविधाओं का विवरण आगे सामने आने की उम्मीद है।