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29 जुलाई महत्वपूर्ण अवसर है: धर्मेंद्र प्रधान ने राज्य मंत्रियों के सम्मेलन में शिक्षा सुधारों का रोडमैप बताया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्य मंत्रियों के सम्मेलन में शिक्षा सुधारों की रूपरेखा साझा की। उन्होंने समग्र शिक्षा 3.0, निपुण भारत 2.0 और पीएम पोषण योजनाओं पर जोर दिया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को राज्य मंत्रियों और वरिष्ठ नीति अधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश में शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि इस दिन शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई अहम कदमों को आगे बढ़ाया जाएगा।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के अनुसार सरकार शिक्षा क्षेत्र की प्रमुख योजनाओं को तेजी से लागू करने पर काम कर रही है। उन्होंने समग्र शिक्षा 3.0, निपुण भारत 2.0 और पीएम पोषण जैसी प्रमुख योजनाओं के विस्तार और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे शिक्षा में गुणवत्ता सुधार, डिजिटल तकनीक के उपयोग और छात्रों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दें।

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धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। निपुण भारत 2.0 के माध्यम से विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने पीएम पोषण योजना के महत्व को भी रेखांकित किया और कहा कि पौष्टिक भोजन छात्रों के स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सम्मेलन में शिक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स जैसे कार्यक्रमों के विस्तार पर भी चर्चा हुई। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना समय की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने के लिए सभी राज्यों को मिलकर काम करना होगा। शिक्षा सुधारों को सफल बनाने के लिए नीति निर्माण से लेकर जमीनी स्तर पर लागू करने तक सभी पक्षों की भागीदारी आवश्यक है।

राज्य मंत्रियों के सम्मेलन में शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी, आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की गई। सरकार का लक्ष्य है कि देश के हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

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