NEET (UG) री-एग्जाम को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यों से मांगा सहयोग, सुरक्षित परीक्षा पर जोर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से नीट (UG) री-एग्जाम को सुचारु, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराने में सहयोग मांगा है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को पत्र लिखकर नीट (यूजी) री-एग्जाम के सुचारु, निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन के लिए सक्रिय सहयोग की अपील की है।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और छात्रों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी राज्यों से आग्रह किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या व्यवधान न हो, इसके लिए पूरी तरह से तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि नीट (यूजी) जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है, इसलिए इसे शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में आयोजित करना बेहद जरूरी है।
शिक्षा मंत्री ने राज्यों से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, निगरानी बढ़ाने और प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल से ही परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकता है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिले और परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।
नीट (यूजी) री-एग्जाम को लेकर पहले से ही तैयारी तेज कर दी गई है और शिक्षा मंत्रालय लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा की शुचिता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।