DMK ने राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया, निजी सदस्य विधेयक के रूप में की चर्चा की मांग
डीएमके ने राज्यसभा में महिला आरक्षण के लिए निजी सदस्य विधेयक पेश किया है, जिसमें आगामी चुनावों से ही महिलाओं को आरक्षण देने की मांग की गई है।
द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) ने महिला आरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्यसभा में संविधान संशोधन विधेयक को निजी सदस्य विधेयक (प्राइवेट मेंबर बिल) के रूप में पेश किया है। यह विधेयक राज्यसभा सांसद डॉ. पी. विल्सन द्वारा शनिवार को प्रस्तुत किया गया और इसके लिए चर्चा की अनुमति भी मांगी गई है।
इस विधेयक में प्रस्ताव रखा गया है कि महिलाओं को आगामी चुनावों से ही राजनीतिक प्रतिनिधित्व में आरक्षण दिया जाए, ताकि संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी को बढ़ाया जा सके। डीएमके का कहना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार होगा और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था अधिक समावेशी बनेगी।
पार्टी के अनुसार, महिला आरक्षण को लागू करने में हो रही देरी चिंता का विषय है, और इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। डीएमके ने यह भी कहा कि महिलाओं को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर मिलना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है।
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यह पहल ऐसे समय में आई है जब लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा एक अन्य संवैधानिक संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका था। उस घटनाक्रम के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण मौजूदा 543 सीटों पर ही लागू किया जाए।
राज्यसभा में पेश किए गए इस निजी सदस्य विधेयक को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो यह भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका को काफी मजबूत कर सकता है।
डीएमके सांसद पी. विल्सन ने कहा कि यह कदम केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
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