162 किलो वजन वाले इराकी मरीज की जटिल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी, डॉक्टरों ने लौटाई चलने की क्षमता
डॉक्टरों ने 162 किलो वजन वाले इराकी मरीज की सफल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कर उसकी चलने की क्षमता वापस लौटा दी। गंभीर मोटापे के कारण यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था।
डॉक्टरों ने एक 162 किलोग्राम वजन वाले इराकी मरीज की बेहद जटिल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर उसे दोबारा चलने में सक्षम बनाया है। गंभीर मोटापे के कारण यह ऑपरेशन चिकित्सकों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था।
मरीज का वजन अधिक होने के कारण सर्जरी के दौरान कई तरह की जटिलताओं का खतरा था। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक मोटापे वाले मरीजों में ऑपरेशन, एनेस्थीसिया और रिकवरी प्रक्रिया सामान्य मरीजों की तुलना में अधिक कठिन होती है। इसके बावजूद विशेषज्ञों की टीम ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर इस प्रक्रिया को सफल बनाया।
यह मरीज अस्पताल में कुल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी कराने वाले सबसे अधिक वजन वाले मरीजों में से एक है। सर्जरी से पहले डॉक्टरों ने मरीज की स्वास्थ्य स्थिति, वजन से जुड़ी परेशानियों और ऑपरेशन के संभावित जोखिमों का विस्तृत मूल्यांकन किया।
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हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी में खराब या क्षतिग्रस्त हिप जोड़ को कृत्रिम जोड़ से बदला जाता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मरीज के दर्द को कम करना और उसकी चलने-फिरने की क्षमता को बेहतर बनाना होता है।
चिकित्सकों ने बताया कि मरीज लंबे समय से चलने-फिरने में कठिनाई का सामना कर रहा था। सफल सर्जरी के बाद उसकी गतिशीलता में सुधार हुआ है और वह धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियों की ओर लौट रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर मोटापे वाले मरीजों में किसी भी बड़ी सर्जरी के लिए विशेष तैयारी और बहु-विषयक चिकित्सा टीम की आवश्यकता होती है। इसमें सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ मिलकर काम करते हैं।
इस सफल ऑपरेशन को चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। डॉक्टरों की टीम ने बताया कि सही योजना, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ देखभाल के जरिए जटिल मामलों में भी बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।