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ड्रोगो एयरोस्पेस ने भारतीय सेना को JK-250e ड्रोन की पहली खेप सौंपी, ₹72 करोड़ के रक्षा ऑर्डर में बड़ी प्रगति

ड्रोगो एयरोस्पेस ने भारतीय सेना को JK-250e ड्रोन की पहली खेप सौंपी। यह ₹72 करोड़ के ऑर्डर का हिस्सा है और निगरानी व सैन्य अभियानों में उपयोग होगा।

ड्रोगो एयरोस्पेस ने भारतीय सेना को JK-250e ड्रोन की पहली खेप सफलतापूर्वक सौंप दी है। यह डिलीवरी ₹72 करोड़ के रक्षा ऑर्डर का हिस्सा है, जो भारत की स्वदेशी ड्रोन निर्माण क्षमता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

JK-250e ड्रोन को ड्रोगो एयरोस्पेस द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। यह ड्रोन एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर लगभग तीन घंटे तक लगातार उड़ान भरने में सक्षम है। इसे विशेष रूप से निगरानी, टोही (रिकॉनिसेंस) और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों के लिए तैयार किया गया है।

भारतीय सेना इन ड्रोन का उपयोग सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और रणनीतिक सूचनाएं जुटाने के लिए करेगी। आधुनिक तकनीक से लैस यह ड्रोन कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बताया जा रहा है।

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यह परियोजना भारत सरकार की “मेक इन इंडिया” और आत्मनिर्भर भारत पहल को भी मजबूत करती है। इसके तहत रक्षा उपकरणों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और देश की सुरक्षा क्षमताएं मजबूत हों।

कंपनी अधिकारियों के अनुसार, JK-250e ड्रोन को विशेष रूप से भारतीय सेना की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाले सेंसर और उन्नत नियंत्रण प्रणाली शामिल हैं, जो इसे अधिक प्रभावी बनाते हैं।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्वदेशी तकनीक भारत की सैन्य क्षमता को नई दिशा दे रही है और भविष्य में ऐसे और भी प्रोजेक्ट्स देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करेंगे।

इस डिलीवरी को भारत के रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी के रूप में भी देखा जा रहा है।

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