विश्वसनीयता वापस पाने के लिए चुनाव आयोग को सुधार करना होगा: कांग्रेस नेता आनंद शर्मा
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग विश्वसनीयता खो रहा है और राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई किए बिना सुधार संभव नहीं है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने शनिवार (17 जनवरी 2026) को कहा कि भारत का चुनाव आयोग (ECI) अपनी विश्वसनीयता और जनता का भरोसा खो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। आनंद शर्मा ने यह भी कहा कि अपनी खोई हुई साख को दोबारा हासिल करने के लिए चुनाव आयोग को “कोर्स करेक्शन” यानी सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।
आनंद शर्मा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले राहुल गांधी ने “वोट चोरी” को राष्ट्रविरोधी कृत्य बताया था और चुनाव आयोग पर नागरिकों को गुमराह करने का आरोप लगाया था। राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों में इस्तेमाल की गई “अमिट स्याही” की गुणवत्ता को लेकर उठे विवाद के बाद आई थी।
महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने कहा है कि वह नगर निकाय चुनावों में इस्तेमाल हुए मार्कर पेन की स्याही की गुणवत्ता की गहन जांच कराएगा। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाताओं की उंगली पर लगाया गया निशान आसानी से हटाया जा सकता था, जिससे फर्जी मतदान की आशंका बढ़ जाती है।
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आनंद शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में चुनावों का उद्देश्य मतदाताओं के मन में विश्वास और भरोसा पैदा करना होता है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी दिखाई देना भी उतना ही जरूरी है। शर्मा ने दावा किया कि संविधान द्वारा यह जिम्मेदारी निभाने वाला चुनाव आयोग जनता का भरोसा खो रहा है।
उन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), अन्य चुनावी राज्यों में चल रही ऐसी ही प्रक्रियाओं और बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने तथा कथित उत्पीड़न का हवाला देते हुए लक्षित रूप से मताधिकार से वंचित किए जाने की आशंका जताई।
आनंद शर्मा ने यह भी कहा कि ईवीएम में छेड़छाड़ और दुरुपयोग को लेकर बहस अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए और उनका समाधान किया जाना चाहिए। चुनाव आयोग को अपनी विश्वसनीयता बहाल करने के लिए ठोस सुधार करने होंगे।
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