आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: FY27 में भारत की संभावित विकास दर बढ़कर 6.8–7.2% के दायरे में
लोकसभा में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भारत की संभावित विकास दर FY27 के लिए 6.8–7.2% आंकी गई है। केंद्रीय बजट 1 फरवरी को आएगा।
संसद के बजट सत्र के दौरान गुरुवार (29 जनवरी 2026) को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। यह सर्वेक्षण सरकार के वित्तीय प्रदर्शन और 31 मार्च को समाप्त होने वाले वर्ष के दौरान देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति का आधिकारिक लेखा-जोखा है। 799 पन्नों का यह विस्तृत दस्तावेज 16 अध्यायों में विभाजित है और आगामी नीतिगत दिशा को भी रेखांकित करता है, जो केंद्रीय बजट से पहले बेहद अहम माना जाता है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत की संभावित विकास दर को संशोधित करते हुए 6.8 से 7.2 प्रतिशत के दायरे में आंका गया है। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले तीन वर्षों में भारत की संभावित विकास दर 6.5 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 7.0 प्रतिशत हो गई है, जो देश की आर्थिक मजबूती और संरचनात्मक सुधारों का संकेत देती है।
सर्वेक्षण की भूमिका पर नागेश्वरन ने कहा कि 2026 के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे अच्छा परिदृश्य यह हो सकता है कि स्थिति 2025 जैसी बनी रहे, लेकिन यह परिदृश्य धीरे-धीरे अधिक असुरक्षित और नाजुक होता जा रहा है।
और पढ़ें: संसद बजट सत्र 2026: लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश, 1 फरवरी को आएगा केंद्रीय बजट
आर्थिक सर्वेक्षण को वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इसमें घरेलू और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, मुद्रास्फीति, रोजगार, निवेश, वित्तीय स्थिरता और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण किया गया है। यह दस्तावेज नीति-निर्माताओं के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है।
गौरतलब है कि केंद्रीय बजट 2026-27 को 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया जाना है। ऐसे में आर्थिक सर्वेक्षण को बजट से पहले सरकार की आर्थिक सोच और प्राथमिकताओं का आईना माना जा रहा है।
और पढ़ें: मजबूत तिमाही नतीजों से मेटा के शेयरों में जोरदार उछाल