ईडी ने इंटरपोल सदस्य देशों को नए मनी लॉन्ड्रिंग तरीकों से सतर्क किया, पर्पल नोटिस जारी
ईडी ने इंटरपोल के जरिए पर्पल नोटिस जारी कर सदस्य देशों को मनी लॉन्ड्रिंग के नए तरीकों से सतर्क किया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंटरपोल के सदस्य देशों को एक अनोखे मनी लॉन्ड्रिंग के तरीके के बारे में सतर्क किया है और इसके लिए 21 अगस्त को इंटरपोल द्वारा पर्पल नोटिस प्रकाशित करवाया गया। यह नोटिस अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को नए उभरते रुझानों के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाने का प्रयास है।
ईडी के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग में अपराधी अब ऐसे जटिल तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन्हें पकड़ना कठिन होता जा रहा है। ये नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले होते हैं और अक्सर शेल कंपनियों, डिजिटल करेंसी और जाली दस्तावेजों के जरिए अवैध धन को वैध रूप में परिवर्तित करने की कोशिश करते हैं।
पर्पल नोटिस का उद्देश्य इंटरपोल के सभी 196 सदस्य देशों के बीच सूचना साझा करना और ऐसे नए तरीकों से निपटने के लिए समन्वय बढ़ाना है। यह नोटिस वैश्विक जांच एजेंसियों को सतर्क करेगा कि अपराधी किस तरह नियमों की खामियों का फायदा उठाकर धन शोधन को अंजाम दे रहे हैं।
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ईडी ने कहा कि यह नोटिस सिर्फ एक अलर्ट नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने का कदम है। मनी लॉन्ड्रिंग के बढ़ते खतरों से निपटने के लिए सभी देशों के बीच तेज सूचना आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नोटिस समय पर जारी किए जाने से वैश्विक वित्तीय सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा सकता है और अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
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