मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोलकाता डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ ईडी का लुकआउट नोटिस
ईडी ने कोलकाता डीसीपी शांतनु बिस्वास के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया, क्योंकि वे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बार-बार समन के बावजूद पूछताछ में शामिल नहीं हुए।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और रेत तस्करी से जुड़े मामले में कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। यह कदम तब उठाया गया जब बिस्वास कई बार जारी किए गए समन के बावजूद पूछताछ के लिए एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।
अधिकारियों के अनुसार, यह लुकआउट नोटिस देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों, बंदरगाहों और सीमा चौकियों पर जारी किया गया है, ताकि बिस्वास देश छोड़कर न जा सकें। ईडी का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और इस दौरान आरोपी की मौजूदगी आवश्यक है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला एक कथित सिंडिकेट से जुड़ा है, जिसका नेतृत्व बिस्वजीत ‘पप्पू सोना’ कर रहा था। पिछले महीने ईडी ने कोलकाता के बालीगंज इलाके में स्थित शांतनु बिस्वास के आवास पर छापेमारी भी की थी। इस मामले में व्यवसायी जय एस कामदार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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सूत्रों के अनुसार, ईडी ने बिस्वास को कई बार समन भेजा, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया। छापेमारी के बाद उनके बेटों — सयंतन और मनीष — को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे भी एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।
यह मामला कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें पोद्दार नामक व्यक्ति पर दंगा, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं। ईडी का दावा है कि पोद्दार और उसके सहयोगी संगठित अपराध के जरिए अवैध धन अर्जित कर रहे थे। फिलहाल पोद्दार फरार है और उसकी तलाश जारी है।
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