90.5 करोड़ रुपये के हाउसिंग सोसाइटी धोखाधड़ी मामले में ED की कार्रवाई, ROF ग्रुप चेयरमैन के ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय ने 90.5 करोड़ रुपये के हाउसिंग सोसाइटी धोखाधड़ी मामले में ROF ग्रुप चेयरमैन के ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 90.5 करोड़ रुपये के हाउसिंग सोसाइटी धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत ROF ग्रुप के चेयरमैन के परिसरों पर छापेमारी की है। एजेंसी ने यह कार्रवाई 9 जुलाई को की थी और इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड बरामद करने का दावा किया है।
ईडी के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान जांच अधिकारियों ने डिजिटल डिवाइस, आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात, ऑडिट की गई वित्तीय रिपोर्ट और लेखा रिकॉर्ड जब्त किए हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों की जांच कर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
जांच एजेंसी ने बताया कि यह मामला कथित रूप से हाउसिंग सोसाइटी से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी से संबंधित है। आरोप है कि बड़ी राशि के लेनदेन में नियमों का उल्लंघन किया गया और निवेशकों तथा संबंधित पक्षों को नुकसान पहुंचाया गया।
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी का उद्देश्य मामले से जुड़े सबूत जुटाना और कथित वित्तीय लेनदेन की पूरी कड़ी को समझना था। जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा।
ROF ग्रुप रियल एस्टेट क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी है। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि कंपनी के संचालन, वित्तीय लेनदेन और परियोजनाओं में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं।
ईडी ने अभी तक मामले में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या आगे की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और सबूतों के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।
वित्तीय अपराधों से जुड़े मामलों में ईडी लगातार कार्रवाई कर रही है। एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जांच करती है और आवश्यक होने पर संपत्तियों को जब्त करने जैसी कार्रवाई भी करती है।
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