कैबिनेट बैठक से गैरहाजिर होकर दिल्ली पहुंचे एकनाथ शिंदे, क्या फडणवीस सरकार से नाराज हैं? जानिए क्या बोले
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं होने और दिल्ली जाने से राजनीतिक अटकलें तेज हुईं। शिंदे और बीजेपी ने नाराजगी की खबरों को खारिज किया।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के मंगलवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं होने और इसके बाद दिल्ली रवाना होने से प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, शिंदे और भारतीय जनता पार्टी ने उन खबरों को खारिज किया है, जिनमें उनके महाराष्ट्र सरकार से नाराज होने की बात कही जा रही थी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार दोपहर मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। शिंदे इस बैठक में शामिल नहीं हुए और करीब दो बजे मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में उनके सरकार से मतभेद को लेकर कयास लगाए जाने लगे।
दिल्ली क्यों गए शिंदे?
शिंदे ने इन अटकलों को खारिज करते हुए बताया कि उनका दिल्ली दौरा शिवसेना से जुड़े संगठनात्मक और कानूनी मामलों के कारण था। उन्होंने कहा कि दिल्ली में उन्हें विभिन्न राज्यों के शिवसेना प्रदेश प्रमुखों के साथ बैठक करनी थी।
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इसके अलावा शिंदे को शिवसेना के चुनाव चिह्न और पार्टी पर अधिकार को लेकर चल रहे सुप्रीम कोर्ट के मामले के संबंध में अपने वकीलों से भी मुलाकात करनी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली जाने का महाराष्ट्र सरकार के कामकाज या बीजेपी नेतृत्व से किसी मतभेद से कोई संबंध नहीं है।
बीजेपी ने भी किया अटकलों का खंडन
बीजेपी ने भी शिंदे की नाराजगी से जुड़ी खबरों को खारिज किया। पार्टी की ओर से कहा गया कि शिंदे के दिल्ली में पहले से कुछ कार्यक्रम तय थे, इसलिए वह कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हो सके।
महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन को देखते हुए शिंदे और फडणवीस की दिल्ली यात्राओं पर अक्सर राजनीतिक नजर रहती है। फिलहाल दोनों पक्षों ने किसी भी तरह के मतभेद से इनकार किया है। ऐसे में शिंदे की नाराजगी की चर्चा अभी केवल राजनीतिक अटकलों तक सीमित है।
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