अल नीनो से बढ़े सूखे ने बढ़ाई चिंता, अल सल्वाडोर और पनामा ने घोषित किया आपातकाल
अल नीनो के कारण मध्य अमेरिका में भीषण सूखे से फसलें बर्बाद हो रही हैं। पनामा और अल सल्वाडोर ने आपातकाल घोषित कर संभावित खाद्य संकट से निपटने की तैयारी शुरू की।
मध्य अमेरिका में अल नीनो के कारण बढ़ते भीषण सूखे ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पनामा ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को अल नीनो से पैदा हुई स्थिति को लेकर आपातकाल घोषित कर दिया। इसके साथ ही पनामा इस तरह का कदम उठाने वाला होंडुरास और अल सल्वाडोर के बाद मध्य अमेरिका का नवीनतम देश बन गया है।
अल नीनो के कारण क्षेत्र में बारिश में कमी और सूखे की स्थिति गंभीर होती जा रही है। इसका सीधा असर कृषि और खाद्य उत्पादन पर पड़ा है। कई इलाकों में फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे आने वाले समय में खाद्य संकट और अकाल जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।
पनामा की आंतरिक मंत्री डिनोस्का मोंटाल्वो ने कहा कि आपातकाल की घोषणा का उद्देश्य सरकार और संबंधित एजेंसियों को अल नीनो के कारण आने वाली संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि सरकार समय रहते आवश्यक कदम उठाना चाहती है।
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पनामा नहर पर भी असर
अल नीनो से पैदा हुए गंभीर सूखे का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है। जल स्तर में कमी के कारण पनामा नहर के संचालन पर भी प्रभाव पड़ा है। नहर से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में कटौती करनी पड़ी है, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी दबाव बढ़ सकता है।
होंडुरास और अल सल्वाडोर पहले ही अल नीनो से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर आपातकालीन कदम उठा चुके हैं। क्षेत्रीय सरकारें सूखे से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और खाद्य सुरक्षा बनाए रखने की तैयारी कर रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सूखे की स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो कृषि उत्पादन, जल उपलब्धता और खाद्य कीमतों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में मध्य अमेरिकी देशों के लिए आने वाले महीने चुनौतीपूर्ण रहने की आशंका है।
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