चित्तूर के गांव में हाथियों के झुंड ने फिर मचाई दहशत
तेलंगाना-तमिलनाडु सीमा पर स्थित चित्तूर जिले के मुत्तावल्लुर गांव में हाथियों के 13 सदस्यीय झुंड ने दहशत मचाई। वन विभाग ने हाथियों को सुरक्षित मार्ग पर भेजने की योजना बनाई।
आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की सीमा पर स्थित चित्तूर जिले के मुत्तावल्लुर गांव में शुक्रवार रात को 13 सदस्यीय हाथियों के झुंड ने एक बार फिर दहशत मचाई। यह झुंड गुडीपला मंडल के मुत्तावल्लुर गांव के पास एक घाटी में फैला हुआ था, जो जंगलों से घिरी हुई है। हाथियों का यह झुंड रात भर गांव और आसपास के कृषि क्षेत्र से होकर गुजरा, जिससे गांववाले घबराए हुए थे।
शनिवार सुबह तक यह झुंड खुलेआम गांव में घूमते हुए खेतों में भी पहुंच गया। हाथियों की उपस्थिति ने स्थानीय लोगों को भयभीत कर दिया और वे छिपने के लिए घरों में बंद हो गए। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत 'कुमकी' ऑपरेशन शुरू किया। कुमकी ऑपरेशन में प्रशिक्षित हाथी का उपयोग किया जाता है ताकि वन्यजीवों को सुरक्षित रूप से उनके प्राकृतिक आवासों की ओर भेजा जा सके।
वन विभाग ने हाथियों को कर्नाटका के जंगलों की ओर लौटने के लिए एक योजना बनाई है। अधिकारी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि हाथी बिना किसी नुकसान के अपने प्रवासी मार्ग की ओर वापस लौट सकें। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर उपाय बढ़ा दिए गए हैं, ताकि आगे किसी तरह का खतरा न हो।
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