ईरोड में महिला कचरा बीनने वालों को पोषण किट और बच्चों को शैक्षिक सामग्री वितरित
ईरोड में एनजीओ पसमई उलागम ने महिला कचरा बीनने वालों को पोषण किट और उनके बच्चों को शैक्षिक सामग्री वितरित की। उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर में सुधार करना है।
तमिलनाडु के ईरोड में एक सामाजिक पहल के तहत महिला कचरा बीनने वालों और उनके बच्चों के लिए सहायता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गैर-सरकारी संगठन “पसमई उलागम” (Pasumai Ulagam) ने महिलाओं को पोषण किट और उनके बच्चों को शैक्षिक सामग्री वितरित की।
कार्यक्रम के दौरान संगठन ने बताया कि कचरा बीनने वाले कामगार, विशेषकर महिलाएं, सामाजिक उपेक्षा, स्वास्थ्य जोखिम और सीमित आजीविका अवसरों जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करती हैं। इन चुनौतियों को देखते हुए संगठन लंबे समय से उनके कल्याण के लिए विभिन्न प्रयास कर रहा है।
एनजीओ ने बताया कि वह इन महिलाओं को सरकारी कल्याण योजनाओं से जोड़ने, समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, पोषण सहायता प्रदान करने और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है। इसके साथ ही उनके बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्रवृत्ति और अध्ययन सामग्री भी दी जा रही है।
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कार्यक्रम में वितरित किए गए पोषण किट में आवश्यक खाद्य सामग्री शामिल थी, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया गया। वहीं बच्चों को दी गई शैक्षिक सामग्री का उद्देश्य उनकी पढ़ाई में मदद करना और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करना है।
संगठन पसमई उलागम ने कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक पहुंचकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना उनका प्रमुख लक्ष्य है। संस्था का मानना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य सहायता से इन परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे समाज में वंचित वर्गों के उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
यह कार्यक्रम ईरोड में सामाजिक समावेशन और जनकल्याण की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।