फडणवीस का शरद पवार पर हमला, वारकरी संप्रदाय पर बयान को बताया अनुचित
देवेंद्र फडणवीस ने शरद पवार के वारकरी संप्रदाय पर लेख को लेकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि पवार ने स्वयं को ‘निधर्मी’ बताकर इस आध्यात्मिक परंपरा को समझने में असमर्थता दिखाई।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार के एक हालिया लेख पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह लेख वारकरी संप्रदाय से जुड़े विषय पर लिखा गया था, जिस पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
फडणवीस ने आरोप लगाया कि शरद पवार ने सार्वजनिक रूप से स्वयं को “निधर्मी” (धर्मनिरपेक्ष/धर्म से अलग विचार रखने वाला) बताया है, और इसी कारण वे सदियों पुरानी आध्यात्मिक परंपरा वारकरी संप्रदाय की गहराई को समझने में असमर्थ हैं।
वारकरी संप्रदाय महाराष्ट्र की एक प्राचीन भक्ति परंपरा है, जिसमें भगवान विट्ठल की भक्ति और पंढरपुर की तीर्थयात्रा को विशेष महत्व दिया जाता है। यह संप्रदाय सामाजिक एकता, भक्ति और साधना का प्रतीक माना जाता है।
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फडणवीस ने कहा कि इस तरह के विषयों पर टिप्पणी करते समय परंपरा और आस्था की संवेदनशीलता को समझना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पवार का लेख इस आध्यात्मिक आंदोलन की भावना के अनुरूप नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि सामाजिक एकता का आधार भी हैं। ऐसे में किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति को इन पर टिप्पणी करते समय अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
वहीं, शरद पवार की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, उनके लेख को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
यह विवाद राज्य की राजनीति में एक नए टकराव के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें विचारधारा और आस्था को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आ रहे हैं।
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