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खेतों में आग थमी, फिर भी दमघुटने वाली रही दिल्ली की हवा: CSE रिपोर्ट

CSE रिपोर्ट के अनुसार पराली जलना घटने के बावजूद दिसंबर में दिल्ली का प्रदूषण 30% बढ़ा। स्थानीय, क्षेत्रीय और द्वितीयक प्रदूषक मिलकर हवा को गंभीर रूप से जहरीला बना रहे हैं।

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि खेतों में पराली जलाने की घटनाएं कम होने के बावजूद दिल्ली की सर्दियों की स्मॉग और अधिक गंभीर हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर महीने में औसत PM2.5 स्तर उन महीनों की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत अधिक रहा, जब पराली जलाने की घटनाएं चरम पर थीं। इससे यह आम धारणा टूटती है कि दिल्ली की जहरीली हवा के लिए केवल पराली जलाना ही जिम्मेदार है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर में खेतों की आग का योगदान नगण्य रहा, इसके बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता “बहुत खराब” से “गंभीर” श्रेणी में बनी रही। इस दौरान रोजाना PM2.5 का स्तर 107 से 393 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के बीच रहा, जबकि AQI अक्सर 300 के पार पहुंच गया और कई बार 450 तक दर्ज किया गया। 14 दिसंबर को इस मौसम की सबसे खराब हवा दर्ज की गई, जब AQI 461 तक पहुंच गया, जो पराली जलाने के दौर से भी अधिक था।

अध्ययन में यह रेखांकित किया गया कि दिल्ली का प्रदूषण स्थानीय उत्सर्जन, क्षेत्रीय प्रदूषकों के प्रवाह और द्वितीयक एयरोसोल के निर्माण के कारण बना रहता है। IITM के निर्णय समर्थन प्रणाली के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर की शुरुआत में कुल PM2.5 का करीब 35 प्रतिशत हिस्सा दिल्ली के स्थानीय स्रोतों से आया, जिसमें अकेले वाहनों का योगदान लगभग आधा था। उद्योग, घरेलू ईंधन, निर्माण कार्यों की धूल और कचरा जलाने से भी लगातार प्रदूषण बढ़ता रहा। शेष 65 प्रतिशत प्रदूषण एनसीआर के अन्य शहरों और दूर-दराज के क्षेत्रों से आया।

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रिपोर्ट में NOx, SO₂ और VOCs जैसी गैसों से बनने वाले द्वितीयक कणों पर भी चिंता जताई गई है, जो PM2.5 का लगभग दो-तिहाई हिस्सा हैं। ये कण अधिक सूक्ष्म, विषैले और लंबे समय तक टिके रहने वाले होते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है।

CSE ने साफ हवा के लिए व्यापक और सालभर चलने वाली रणनीति अपनाने की सिफारिश की है, जिसमें वाहनों का विद्युतीकरण, पुराने वाहनों को हटाना, सार्वजनिक परिवहन का विस्तार, उद्योगों में स्वच्छ ईंधन, कचरा जलाने पर रोक और किसानों को पराली न जलाने के लिए तकनीकी सहायता शामिल है।

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