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भारत एक संप्रभु देश है, किसी भी विदेशी शक्ति को दिल्ली को आदेश देने का अधिकार नहीं: फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत एक संप्रभु देश है और किसी भी विदेशी शक्ति को भारत को आदेश देने का अधिकार नहीं है, खासकर रूस से तेल आयात के मामले में।

नेशनल कांफ्रेंस (NC) के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार (7 मार्च, 2026) को भारत सरकार की विदेश नीति और रूस से तेल आयात पर अमेरिका द्वारा भारत को दिए गए "छूट" पर नाखुशी व्यक्त की। फारूक अब्दुल्ला ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत एक संप्रभु देश है और उसे किसी से भी तेल आयात के लिए अनुमति या आदेश की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा, "भारत एक संप्रभु देश है। हमारे देश को रूस से तेल खरीदने के लिए किसी की अनुमति या आदेश की आवश्यकता नहीं है। कोई भी विदेशी शक्ति दिल्ली को आदेश देने का अधिकार नहीं रखती।"

अब्दुल्ला का यह बयान उस वक्त आया जब अमेरिका ने भारत को रूस से तेल आयात करने के लिए एक अस्थायी छूट दी थी, जिसे फारूक अब्दुल्ला ने आपत्ति जताई। उनका यह मानना था कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार स्वतंत्र रूप से फैसले लेने का अधिकार है, और किसी भी विदेशी देश को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए।

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इससे पहले, अमेरिका ने अपने प्रतिबंधों को लेकर भारत को छूट दी थी, जिससे भारत को रूस से सस्ते तेल का आयात करने में सुविधा मिली थी। फारूक अब्दुल्ला ने इस छूट पर भी सवाल उठाए और कहा कि किसी भी विदेश नीति में भारतीय संप्रभुता को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

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