सीबीजी इकोसिस्टम के विस्तार के लिए फीडस्टॉक की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला अगला बड़ा कदम
कंप्रेस्ड बायोगैस के विस्तार के लिए सरकार के प्रयासों के बीच विशेषज्ञों ने फीडस्टॉक की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला को जरूरी बताया है। इससे संयंत्रों की क्षमता और उत्पादन गुणवत्ता बेहतर होगी।
केंद्र सरकार की ओर से कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच अब इसके पूरे इकोसिस्टम को बड़े स्तर पर विकसित करने के लिए कच्चे माल यानी फीडस्टॉक की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला तैयार करना जरूरी माना जा रहा है।
उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, सीबीजी संयंत्रों की आर्थिक व्यवहार्यता और उनसे मिलने वाली गैस की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फीडस्टॉक की खरीद, भंडारण और प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था विकसित करनी होगी।
सीबीजी बनाने में कई तरह के जैविक कच्चे माल का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें प्रेसमड, धान और गेहूं की पराली जैसे कृषि अवशेष तथा पशुओं का गोबर प्रमुख हैं। हालांकि, इन सभी स्रोतों से कच्चा माल जुटाने में अलग-अलग तरह की चुनौतियां सामने आती हैं।
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सबसे बड़ी समस्या इसकी मौसमी उपलब्धता से जुड़ी है। कृषि अवशेष मुख्य रूप से फसल कटाई के मौसम में बड़ी मात्रा में उपलब्ध होते हैं, जबकि सीबीजी संयंत्रों को पूरे वर्ष लगातार फीडस्टॉक की जरूरत होती है। ऐसे में कच्चे माल के संग्रहण और सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था आवश्यक होगी।
इसके अलावा खेतों और अन्य स्रोतों से फीडस्टॉक को सीबीजी संयंत्रों तक पहुंचाने के लिए परिवहन व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। लंबी दूरी तक जैविक कच्चे माल को ले जाने की लागत बढ़ने से संयंत्रों की उत्पादन लागत पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर फीडस्टॉक संग्रह केंद्र विकसित करने, किसानों और अन्य आपूर्तिकर्ताओं को व्यवस्थित तरीके से जोड़ने तथा बेहतर भंडारण सुविधाएं तैयार करने से इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।
सरकार द्वारा सीबीजी की खरीद के लिए अधिक स्थिर व्यवस्था तैयार किए जाने के बाद अब फीडस्टॉक आपूर्ति को मजबूत करना इस क्षेत्र के विस्तार की अगली महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इससे न केवल सीबीजी संयंत्रों को लगातार कच्चा माल मिलेगा, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और कृषि अपशिष्ट के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
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