करदाताओं के लिए बड़ी राहत: संशोधित ITR दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ी, कई टैक्स नियमों में बदलाव
बजट में संशोधित ITR दाखिल करने की समय-सीमा 31 मार्च तक बढ़ाई गई, TCS दरों में कटौती की गई और छोटे करदाताओं को टैक्स नियमों में बड़ी राहत दी गई।
करदाताओं के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संशोधित आयकर रिटर्न (Revised ITR) दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाने का ऐलान किया है। अब करदाता संबंधित असेसमेंट वर्ष के 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकेंगे, जबकि पहले इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर थी। इस फैसले से उन करदाताओं को लाभ मिलेगा, जो किसी गलती या चूक के कारण समय पर सही विवरण नहीं दे पाए थे।
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि यह संशोधित रिटर्न मूल रिटर्न या विलंबित रिटर्न दोनों हो सकता है। हालांकि, 31 दिसंबर के बाद संशोधित रिटर्न दाखिल करने पर नाममात्र शुल्क लगाया जाएगा। यदि आय 5 लाख रुपये तक है तो ₹1,000 और 5 लाख रुपये से अधिक होने पर ₹5,000 शुल्क प्रस्तावित किया गया है।
सरकार ने लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल शिक्षा के लिए भेजी जाने वाली राशि पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दर 5% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव भी रखा है। इसी तरह, विदेश यात्रा पैकेज की बिक्री पर TCS की दर भी 5% से घटाकर 2% कर दी गई है, जो पहले 20% तक थी।
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इसके अलावा, छोटे करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया (Rule-based automated process) लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे कर अनुपालन आसान हो सके।
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए पुरस्कारों को आयकर से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा।
आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि में भी बदलाव प्रस्तावित है। ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने वाले व्यक्तियों के लिए 31 जुलाई की समय-सीमा बनी रहेगी, जबकि गैर-ऑडिट व्यवसाय और ट्रस्ट के मामलों में अंतिम तिथि 31 अगस्त होगी।
इसके साथ ही, गैर-निवासी करदाताओं के लिए प्रिजम्पटिव टैक्स के तहत मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) से छूट देने और आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सीमा को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल है। शराब, स्क्रैप और खनिजों पर TCS की दर को भी तर्कसंगत बनाते हुए 2% कर दिया गया है।