मध्य पूर्व में भारतीयों की सुरक्षा पर जोर, कैबिनेट समिति की बैठक में बढ़ते संघर्ष पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में लगभग 90 लाख भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर चर्चा की गई, साथ ही संघर्ष और वाणिज्यिक गतिविधियों में रुकावट को लेकर चिंता जताई गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच आपातकालीन कैबिनेट समिति की बैठक बुलाई। इस बैठक में मुख्य विषय था मध्य पूर्व में रह रहे लगभग 90 लाख भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा।
तीन घंटे तक चली बैठक में, अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर एयर स्ट्राइक के बाद सैन्य संघर्ष में बढ़ोतरी पर विस्तृत चर्चा की गई। ईरान ने भी अपने मित्र देशों, जैसे कतर और दुबई पर हमले किए, जिससे संकट और गहरा गया।
कैबिनेट समिति ने भारतीय समुदाय की सुरक्षा और उनके सामने आ रही कठिनाइयों पर चिंता व्यक्त की। भारतीय नागरिकों के लिए एयरस्पेस बंद होने की वजह से 350 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गईं, जबकि छात्रों की परीक्षाओं को लेकर भी चिंताएं उठीं। इसके साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, वहां व्यापार मार्गों में रुकावट की संभावना पर भी चर्चा की गई।
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प्रधानमंत्री मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की और भारत की चिंताओं को साझा किया। इसके अलावा, उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नह्यान से भी बात की और यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।
कैबिनेट समिति ने सभी संबंधित विभागों को भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए। सरकार आपातकालीन निकासी योजनाओं पर भी काम कर रही है।
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