उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में जंगलों की भीषण आग, सेना और IAF ने शुरू किया बड़ा ऑपरेशन
उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भीषण जंगल की आग फैल रही है। सेना और भारतीय वायुसेना राहत कार्य में जुटी है, हजारों हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भीषण जंगल की आग ने स्थिति गंभीर कर दी है। आग तेजी से फैलते हुए जंगलों के साथ-साथ कई स्थानों पर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने लगी है, जिससे प्रशासन और आपातकालीन टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
उत्तराखंड में 15 फरवरी से 24 मई के बीच कुल 375 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे लगभग 319.67 हेक्टेयर वन भूमि को नुकसान हुआ है। राज्य में वनाग्नि का आधिकारिक सीजन 15 फरवरी से शुरू होता है।
हिमाचल प्रदेश के कसौली और सोलन क्षेत्रों में पहाड़ियों पर तेज आग की लपटें देखी गईं, जिससे प्रशासन को तेजी से कार्रवाई करनी पड़ी ताकि आग आबादी और पर्यटन क्षेत्रों तक न पहुंचे।
इस बीच भारतीय वायुसेना ने भी राहत कार्य में बड़ी भूमिका निभाई है। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने ‘बैम्बी बकेट’ तकनीक का उपयोग करते हुए लगातार पानी डालकर आग बुझाने का अभियान चलाया।
IAF ने बताया कि कसौली क्षेत्र में लगातार उड़ानें भरकर 40,000 लीटर से अधिक पानी गिराया गया है और दिन-रात अभियान जारी है।
हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि गर्मियों में वनाग्नि की समस्या गंभीर हो जाती है, जिसके लिए सरकार फायर लाइनों और जल स्रोतों को मजबूत करने पर काम कर रही है।
उधर उत्तराखंड के नैनीताल और टिहरी गढ़वाल में भी कई स्थानों पर आग की घटनाएं सामने आई हैं। तेज हवाओं के कारण आग रिहायशी इलाकों तक पहुंच गई थी, जिसे बाद में स्थानीय लोगों और वन विभाग की मदद से नियंत्रित किया गया।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में भी वन विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने कहा कि सूखा मौसम और तेज हवाएं स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।
फिलहाल सभी प्रभावित राज्यों में अलर्ट जारी है और आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं।
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