क्या भारत ने पाकिस्तान की किराना पहाड़ियों को निशाना बनाया था? पूर्व सीडीएस अनिल चौहान ने बताया क्या हुआ
पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय ड्रोन गलती से पाकिस्तान की किराना पहाड़ियों से टकराया था, क्योंकि उसे रडार लक्ष्य नहीं मिला।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना का एक घूमता हुआ गोला-बारूद यानी लोइटरिंग म्यूनिशन पाकिस्तान की किराना पहाड़ियों से टकराया था। हालांकि, यह हमला जानबूझकर नहीं किया गया था। पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विवेकानंद केंद्र में एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी।
जनरल चौहान के अनुसार, भारतीय सैन्य बलों ने पाकिस्तान के सरगोधा और किराना पहाड़ियों के आसपास रडार का पता लगाने के लिए कई लोइटरिंग मिशन भेजे थे। किराना पहाड़ियां सरगोधा से करीब 10 किलोमीटर उत्तर में स्थित हैं और इस क्षेत्र को पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य इलाकों में गिना जाता है।
उन्होंने बताया कि इस्तेमाल किया गया हथियार संभवतः इजरायल में डिजाइन किया गया हारोप ड्रोन था। इसकी उड़ान क्षमता सीमित थी और यह करीब दो घंटे तक किसी लक्ष्य की तलाश कर सकता था। निर्धारित समय के भीतर जब ड्रोन को कोई रडार लक्ष्य नहीं मिला, तो वह वापस लौटने के बजाय क्षेत्र की एक पहाड़ी से जा टकराया।
और पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान ने हमलों के नतीजे जानने के लिए सैटेलाइट तस्वीरें जुटाईं, नहीं मिला सबूत
जनरल चौहान ने कहा कि भारतीय सेना ने किराना पहाड़ियों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया था। उन्होंने बताया कि उस समय पाकिस्तानी मीडिया में भी किराना पहाड़ियों से धुआं निकलने की तस्वीरें सामने आई थीं, जिसके कारण वहां हमले को लेकर सवाल उठे थे।
स्कर्दू पर हमले को मिली थी मंजूरी
पूर्व सीडीएस ने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्कर्दू पर हमला करने की अनुमति मिली थी। हालांकि, खराब मौसम के कारण यह अभियान रद्द कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय हमलों में निशाना बनाए गए ठिकानों के सबूत जुटाने की कोशिश की थी। इसके लिए चीनी और अमेरिकी कंपनियों से उपलब्ध व्यावसायिक उपग्रह तस्वीरों का सहारा लेने का प्रयास किया गया, लेकिन पाकिस्तान को अपेक्षित प्रमाण नहीं मिल सके।
और पढ़ें: भारत पहुंचीं 150 पाकिस्तानी दुल्हनें, ऑपरेशन सिंदूर के बाद अटकी शादियों को मिली नई उम्मीद