झारखंड में पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांगते गिरफ्तार, छात्र आंदोलन के बीच बढ़ी हलचल
झारखंड सीआईडी ने भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांगते को गिरफ्तार किया है। रांची में छात्र सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग ने जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, खियांगते से जांच के दौरान कई बार पूछताछ की गई थी। उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग मनोज कौशिक ने खियांगते की गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष को आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के संबंध में हिरासत में लिया गया है।
खियांगते 1988 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी रहे हैं। झारखंड के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें पिछले वर्ष फरवरी में जेपीएससी का अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने 22 जुलाई को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके अगले दिन सीआईडी ने उनके सरकारी आवास समेत कई स्थानों पर तलाशी ली थी। खियांगते ने कहा था कि उन्होंने निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ करने के लिए स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है।
विवाद बढ़ने के बीच रविवार को जेपीएससी के तीनों मौजूदा सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद ने भी इस्तीफा दे दिया। सीआईडी ने तीनों को पूछताछ के लिए बुलाया था। खियांगते की गिरफ्तारी के साथ मामले में सीआईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 20 हो गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने भर्ती अनियमितताओं की सीआईडी और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की घोषणा की है। सरकार ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा तथा 2023 और 2025 की बैकलॉग भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने समेत कई छात्र मांगें स्वीकार की हैं।
हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र इससे संतुष्ट नहीं हैं। वे पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग पर कायम हैं। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने खियांगते की गिरफ्तारी को महज दिखावा बताते हुए सरकार पर निशाना साधा और व्यापक सीबीआई जांच की मांग की।
कांग्रेस भी छात्रों के आंदोलन को लेकर भाजपा के निशाने पर है। भाजपा ने आरोप लगाया कि पार्टी ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं पर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दी है।