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कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की आयु में निधन, आधुनिक कतर के निर्माता माने जाते थे

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने कतर को वैश्विक कूटनीति, निवेश और ऊर्जा शक्ति के रूप में स्थापित किया।

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कतर ने उनके निधन की पुष्टि की। हालांकि, उनकी मृत्यु के कारण का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है।

अमीरी दीवान की ओर से जारी बयान में शेख हमद के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। बयान में कहा गया कि देश ने एक ऐसे दूरदर्शी नेता को खो दिया है, जिन्होंने आधुनिक कतर के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।

शेख हमद ने जून 2013 में स्वेच्छा से अपने पुत्र को सत्ता सौंपते हुए अमीर का पद छोड़ दिया था। इससे पहले उन्होंने लगभग 18 वर्षों तक कतर का नेतृत्व किया। उनके शासनकाल में कतर ने ऊर्जा संपन्न लेकिन अपेक्षाकृत छोटे खाड़ी देश से निकलकर वैश्विक कूटनीति, निवेश और मीडिया के क्षेत्र में एक प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में पहचान बनाई।

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उनके नेतृत्व में कतर ने दुनिया भर में बड़े निवेश किए, जिनमें लंदन के प्रसिद्ध हैरोड्स डिपार्टमेंट स्टोर का स्वामित्व भी शामिल है। इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क अल जज़ीरा की स्थापना हुई, जिसने वैश्विक मीडिया जगत में कतर की अलग पहचान बनाई।

शेख हमद के कार्यकाल में कतर ने उत्तर अफ्रीका, अफगानिस्तान, लेबनान, सूडान और फिलिस्तीन से जुड़े कई अंतरराष्ट्रीय विवादों में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। वर्ष 2012 में वह गाज़ा पट्टी का दौरा करने वाले पहले राष्ट्राध्यक्ष बने थे और वहां विकास परियोजनाओं के लिए 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता की घोषणा की थी।

उनके शासनकाल में कतर ने 2022 फीफा विश्व कप की सफल मेजबानी कर वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा और मजबूत की। हालांकि, ईरान, हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ संबंधों को लेकर कतर की विदेश नीति की कई पश्चिमी और क्षेत्रीय देशों ने आलोचना भी की।

शेख हमद के अंतिम प्रमुख कूटनीतिक कदमों में से एक अफगानिस्तान के तालिबान के लिए कतर में राजनीतिक कार्यालय खोलने की अनुमति देना था। इसी पहल ने बाद में अमेरिका और तालिबान के बीच वार्ता का मार्ग प्रशस्त किया, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2021 में अमेरिकी और नाटो सेनाओं की अफगानिस्तान से वापसी हुई।

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